सुबह खाली पेट चने खाने के फायदे और नुकसान l

chane ke fayde

आज हम आपको बताने जा रहे है, चने के बारे में जिसे  हमारे यहां के बड़े बुजुर्ग पहले से ही भिगोकर खाते आ रहे हैं इसे लोग सामान्य मात्रा में खाली पेट खाते है। इसे खाने से शरीर स्वस्थ व सुंदर रहता है इसलिए छोटे बच्चों को खाने के लिए प्रेरित किया जाता है कि वह स्वस्थ और सुंदर रहें। इसे  भूनकर, गुड़ के साथ खाने से गले में अटकता नही है और खाने में स्वादिष्टब्जी लगता है। चना हमारे यहां दो क़िस्म की होती  है। एक तो काला चना के नाम से जाना जाता है और एक काबुली चना होता है

जिसका प्रयोग छोले बनाने में किया जाता है। ये काले चने से आकर में बड़ा और सफेद होता है, ये खाने में थोड़े मीठे होते है। लेकिन ये काले चने के अपेक्षा फायदेमंद नही होता। तो आइए जाने इसे खाने से क्या लाभ और क्या हानि होता है और इसे कैसे खाये ऐसे सारि  जानकारी पाने के लिए आगे पढ़ें………

चने की खेती

यह एक दलहनी फसल है इसे हमारे यहा आसानी से पैदा किया जा सकता है। लेकिन इसकी खेती मध्य और दक्षिण भारत मे अधिक की जाती है क्योंकि वहाँ कि जमीन अधिक उपजाऊ होती है इसलिए वहाँ पर इसकी पैदावार अच्छी होती है । इसकी बुआई  1 नवंबर से 30  दिसम्बर तक कि जाति है।

जाने चने खाने के फायदे :- Chane ke fayde 

आइए जाने कि हम इसे कैसे खाएं और इसे खाने से हमें क्या क्या फायदे होते हैं। चना हमारे लिए  बादाम से अधिक पौष्टिक तत्व और फायदेमंद होता है। इसे खाने से हमें प्रोटीन, आयरन , कैल्शियम कार्बोहाइड्रेट, और मिनरल्स प्राप्त होता है। सबसे बड़ी बात ये है कि हमें ये बहुत ही आसानी से उपलब्ध हो जाता है ये हमारे यहां सबके घरों में आसानी से पाया जाता है।

चना खाने से विभिन्न बीमारियों को खत्म करने में और उन सभी बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान होती है।

चने को खाने से पहले उसे साफ पानी से धोकर कम से कम 3-4 घंटे भिगो देना चाहिए उसके बाद खाना चाहिए। चने भीगे हुए पानी को पीने से भी बहुत से लाभ होते है। चने को हम अगर अंकुरित करके खाए तो इससे भी अधिक फायदा होता है चने को अंकुरित करके खाने से हमें हमारे चेहरे पर लाइट और त्वचा मुलायम रहता हैं ,चने को खाने से हमारा भोजन में रूचि भी होता है जिससे हम भोजन दिन में दो से तीन बार खा सकते हैं। इसके साथ ही यदि हम कमजोर हो तो चने शरीर को मोटा व चिकना बनाने में भी मदद करता है।

लोग इसका सेवन रोज करने से स्वस्थ रहते हैं, इसके साथ ही चना वात पित्त कफ  को बराबर रखता है।  जिसे आयुर्वेद में  त्रिदोष के नाम से जाना जाता है, जिससे हमारा स्वास्थ खराब नहीं हो सकता। इसे हम दाल के रूप में भी खा सकते हैं ये अन्य दालों से अधिक फायदेमंद होता है इसको खाने से हमारे शरीर में हराश ,कमजोरी, सुस्ती, मन मिचलाना , इससे सम्बन्धित अन्य परेशानिया दूर रहती है। चना हमारे ब्लड में उपस्थित हीमोग्लोबिन की मात्रा को भी बढ़ता है इसे खाने से हमारे शरीर मे आयरन की मात्रा बनी रहती है और इसे आयुर्वेद में एक दवा के रूप में खाया जाता है।

खाली पेट भीगे हुए चने खाने फायदे :- khali pet chane khane ke fayde 

chane ke fayde

  • खाली पेट भीगे चने खाने से हमारा दिमाग फ्रेश रहता है व चेहरे पर लाइट आती है और बॉडी फिटनेस बना रहता है।
  • भीगे चने में काला नमक मिलाकर खाने से पेट संबंधी सभी बीमारियां ठीक रहती है और हमारा पाचन तंत्र (ecosystem) ठीक रहता है।
  • अगर अधिक कमजोरी हो तो चने के साथ नीबू, अदरक, काली मिर्च और नमक मिलाकर खाने से कमजोरी दूर हो जाती हैं।
  • चना कोलेस्ट्रॉल को भी maintain रखता है। इससे अगर आप अधिक मोटे हो तो आपकी चरबी (fat) भी कम हो जाएगी और आप स्वस्थ रहेंगे।
  • यदि आपको यूरिन संबंधित परेशानिया है, तो इसके साथ थोड़ा सा गुड़ मिलाकर खाने से आप इससे छुटकारा पा सकते है।
  • अगर sperms amount कम है या फिर sperms बनता ही नही है ,तो चने के साथ इसके भीगे हुए पानी मे दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से ये परेशानी खत्म हो सकती है।
  • आप अधिक कमजोर व बहुत पतले है तो चने का सेवन रोज सुबह खाली पेट करने से आपकी सेहत अच्छी व स्वस्थ हो जाएगी। क्योंकि चना मासपेशियों का निर्माण करने में सहायता करती है।

चने का सेवन हर रोज  करने से सर्दी ,जुखाम ,मधुमेह कैंसर, वजन को कम करना आदि सामान्य बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है।

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चने खाने के नुकसान :- Chane khane ke Nuksaan 

अधिक मात्रा में चना खाने से परेशानियां बढ़ सकती है जैसे- पेट दर्द ,दस्त, पेट में ऐठन, पेट मे गैस बनना, आदि ।क्योंकि चने में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है। शरीर मे फाइबर की मात्रा बढ़ने से बहुत सी परेशानिया हो सकती है। इस लिए अधिक मात्रा में चने का सेवन ना करे।

Note :- चने के खाने के बाद कभी भी  करेले और आम का आचार न खाए । इससे  पॉइज़न हो सकता है और आपको बहुत सी बीमारी हो सकता है।

चने का प्रयोग

चने के आटे को बेसन कहा जाता है । इसके पकौड़े बनाये जाते है। इसको लोग दाने के साथ भूनकर भी खाते है। चने की सब्जी भी बनाई जाती है। इसका प्रयोग दाल बनाने में भी करते है।

पूजा में चने का महत्व 

चना हर पूजा में तो नही ,लेकिन कुछ पूजा में चना चढ़ाना जरूरी होता है।

जैसे – विष्णु व्रत, वट सावित्री व्रत , नवरात्र में माता की पूजा में चना चढ़ाना जरूरी होता है।


चने में तत्वों की प्रचुर मात्रा 

संतृप्त  वसा 6g
पोटैशियम  24g
कैल्शियम 5g
कार्बोहाइड्रेट 6g
शर्करा 11g
प्रोटीन 19g
विटामिन ए 67IU
विटामिन सी 4mg
NOTE
इसे गरीबो का बादाम कहा जाता है।

चने का वर्गीकरण (classification)

कुल  (family) Fabaceae
जाति  (phylum) cicer arietinum
वंश (genus)  cicer
वर्ग (class)  Magnoliyoda
Kingdom Plant

 

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जानिये हमारे जीवन में पपीता का क्या मह्त्वे है फायदे और नुक्सान

पपीता एक ऐसा फल है जिसे हम कच्चे होने पर भी use कर सकते है और पका कर फल के रूप में use करते है इसे हम आसानी से कम जगह में भी पैदा कर सकते है पपीता केवल ऐसा पौधा है जो साल भर के अंदर हमें फल देता है  इतना ही नहीं हम इसके पत्ते का use medicine के रूप में करते है और इसके दूध से पेट से जुड़ी बीमारियों  के लिए दवा बनाने में करते है

यह भारत में लगभग 300 साल पहले आया पपीते के पेड़ में नर व मादा दोनो पाये जाते है नर पेड़ों में केवल लम्बे लम्बे फूल आते है  इसमें फल नहीं लगते

पपीते के खाने के फ़ायदे – Benefits of eating papaya

 

पाचन शक्ति को बढ़ाता है

पपीते में कई प्रकार के एनजाइम होता है व इसमें कई  फ़ाइबर भी होते है जों पेंट से जुड़ी problem को ख़त्म कर देते है

हृदय सम्बंधित problem को दूर करने में सहायक

पपीते में विटामिन c , फ़ाइबर व एंटी आक्सिडेंट प्रचुर मात्रा में होता है जों शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को बढ़ने नहि देता है

जलने कटने में भी दवा के रूप में प्रयोग

इसमें एंटी इंफलेमेटरी गुण पाये जाते है इसी गुण के कारण यह सूजन की समस्या को दूर कर देता है

कैंसर के बचाव में सहायक

इसमें एंटी-आक्सीडेंट, flavonioids और phytonutrient प्रचुर मात्रा में होता है जो हमारी कोशिकाओं को हानि नहीं पहुँचाता

माँ का दूध बनाने में सक्षम

इसे pregnancy में नहीं खाते है लेकिन यहीं फल बच्चें के जन्म के बाद खाने से माँ का दूध बढ़ता है

बढ़ती उम्र को रोकने में भी भूमिका निभाता है

पपीते में विटामिनc  ,विटामिनe ,और बीटा -कैरोटीन जैसे एंटी-आकसिडेंट पाया जाता है जो skin problem दूर करता है

नेत्रो के लिए

पपीता विटामिन a का अच्छा स्रोत है जों हमारी  आँखो की रोशनी को कम नहीं होने देता है  इसे हमें अपने आहार में सम्मिलित कर लेना चाहिए

कोलेस्ट्रॉल कम करन में सहायक

पपीते में उच्च मात्रा में फाइबर मौजूद होता है. साथ ही ये विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होता है. अपने इन्हीं गुणों के चलते ये कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में काफी असरदार है

अन्य लाभ

  1. पीलिया होने पर बहुत हि फ़ायदेमंद फल है पपीता
  2. ये दाँतो से निकल रहे ख़ून को रोकता है
  3. पपीता खाने से क़ब्ज़ की शिकायत नहि होतीं जों
  4. बवासीर की समस्या से भी आराम दिलाता है
  5. पपीते में पपेन नामक पदार्थ होता है जो पाचन में सहायक होता है
  6. पपीते को हम अपने चेहरे की सुन्दरता बढ़ाने में भी प्रयोग करते है
  7. इसका use jam और jelly के रूप में किया जाता है
  8. रोज़ पपीते के प्रयोग से वज़न कम होता है
  9. जिनको period में होने वाले दर्द की समस्या है उनको पपीता खाने से आराम मिलता है


पपीता खाने के नुक़सान – Disadvantages of eating papaya

गर्भवती महिलाओं के लिए है हानिकारक

इसमें मौजूद पपेन भ्रूण को नुक़सान पहुँचा सकते है

पेट दर्द का कारण बन सकता

अधिक मात्रा में पपीते का सेवन पेट में दर्द का कारण भी बनता हैं ब्लड प्रेशर में खाए पपीता

एलर्जी का भी कारण बन सकती है

शरीर में एलर्जी को भी पैदा करती है क्यूँकि इसमें पाया जाने वाला पपेन एलर्जी पैदा करता है।

ठण्ड के मौसम में अधिक सेवन नुक़सानदेय होता है

गले के लिए भी नुक़सानदेय है

अधिक मात्रा में पपीते के सेवन से गले सम्बंधित समस्या पैदा हों जाती है

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गाय के दूध का हमारे जीवन में कितना महत्व है l दूध के फायदे और नुकसान

doodh ke fayde or nuksan

दूध (milk)

दूध को हम complete food भी मानते है,  जब एक बच्चा पैदा होता है तो उसे माँ का दूध पिलाया जाता है पहले माँ का दूध बच्चे के लिए बहुत useful होता है फिर बच्चा कई महीनो तक माँ का दूध और गाय का दूध पीता है। दूध में 84%पानी रहता है और बाक़ी खनिज व वसा दूध protein , vitamins  कैल्शियम से भरपूर होता है ।

दूध हमे किन किन श्रोत से प्राप्त होता है ( Which sources do we get from milk )

गाय का दूध

गाय के दूध में प्रतिग्राम 3.14ml कोलेस्ट्रोल होता है, आयुर्वेद के अनुसार गाय के fresh दूध को सही माना जाता है।

भैंस का दूध

भैंस के दूध में प्रति ग्राम 0.65ml कोलेस्ट्रोल होता है और mineral अधिक होता है।

Packed milk

इस  तरह का दूध  amul, पराग , आँचल जैसी कंपनिया सप्लाई करती है।

दूध के प्रकार (Types of milk)

A –  whole milk – contain the  highest

amount of  fat – ( at least 3.25% or more)

B –  2%milk – contain only 2%milk -fat

C –  1%milk – contain only 1%milk -fat

D –  skim milk – contain no fat

E –  non- fat dry milk – skim. Milk that has been dehydrated and packaged

F –  evaporated milk -. Milk that has had all water evaporated out of it


दूध
से बने पदार्थ – ( Milk Products )

 

Milk Products

खीर, खोआ , रबड़ी , icecream
दही , पनीर , छेना
मक्खन , घी , लस्सी , मट्ठा आदि।

दूध की  ज़रूरत (Need of milk )

जो लोग रोज़ एक गिलास दूध  रोज़ाना पीते है वे उन लोगों की तुलना मे हमेशा मानसिक और बौद्धिक तौर पर बेहतर स्थिति में होते है जों दूध का सेवन नहीं  करते।

दूध का समंगीकरण ( homogenization)

 

MILK homogenization

इस प्रक्रिया में यंत्रिक method से दूध की वसा गोलिकाओ तथा दूध के syrum को एक समान आकार वाले छोटे छोटे  टुकड़ों मे बाटा जाता है ताकि दूध और वसा एक में रहें अलग अलग ना हो । इससे दूध आसानी से पच जाता है।

होमोजिनाएजन  प्रक्रिया। (Homogenization process)

 

दूध की प्राप्ति

   

दूध को 5 डिग्री  सेल्सियस ठंडा करना   U+2193.svg

दूध को एक जगह  collect करना  U+2193.svg

दूध का standardization  U+2193.svg

दूध को छानना  U+2193.svg

दूध को होमोजिनाइजेसन 60 डिग्री सेल्सियस and 2500 पौंड प्रति वर्ग इंच के दबाव से निकालनाU+2193.svg

दूध का निरोगन 72 डिग्री सेल्सियस पर   U+2193.svg

दूध को भरना तथा पैकेट या बोतल में बन्द करना    U+2193.svg

दूध को ठण्डा करना ( 5 डिग्री सेल्सियस तक )    U+2193.svg

दूध को safe रखना (5डिग्री सेल्सियस ताप पर)

 

भारत का  विश्व में दूध उत्पादन में प्रथम स्थान  है (India is the first place in milk production in the world)

  1. भारत का विश्व दूध उत्पादन में 17% हिस्सा है
  2. दूध उत्पादन में राज्यों का क्रम – उत्तर प्रदेश ,  राजस्थान ,  आँध्र प्रदेश , गुजरात , पंजाब।
  3. आर्थिक सर्वेक्षण 2014-15 के अनुसार भारत में 70 मिलियन ग्रामीण परिवार डेयरी से जुड़े हुए है।
  4. मे प्रति व्यक्ति दूध कि मात्रा 312 ग्राम प्रतिदिन है।

 

Tasty दूध पीने के फ़ायदे

 

1 – इलायची वाला दूध

 सारे दूध मे इलायची मिलाकर आप इसके स्वाद को बढ़ा सकते है। यह आयरन और कैल्शियम के साथ मैगनीज व और भी पोषक तत्व होते है, साथ ही skin को झुर्रियों से भी बचाता है।

2 – बादाम का दूध

भीगे हुए बादाम को दूध के साथ mix कर उसका स्वाद भी बढ़ेगा गुण भी यह हमारे दिल ,दिमाग आँख और त्वचा के लिए फ़ायदेमंद होता है।

3 – चाकलेट  वाला दूध

चाकलेट या चाकलेट सिरम मिलाकर दूध पीने से दिमाग सक्रिय रहता है। व दूध स्वादिष्ट भी लगता है, बच्चो को चॉकलेट मिल्क काफी पसंद आता है।

4 – सोयाबीन का दूध

सोयाबीन दूध पीने से वज़न कम होता है और शरीर मे कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम करके कई बीमारियों से बचाता है।

5 –  फ़्रूट milk

अपने पसंद के फलों को दूध में मिला कर शेक बना लें और दूध का अलग अंदाज में लुफ्त उठाये, साथ ही फ्रूट मिल्क शरीर में पोषक तत्वों को बढ़ता है।

6 – rose milk

गुलाब की रंगत के साथ अगर बेहतरीन स्वाद चाहिए तो थोड़ा सा रुआब्जा दूध में मिला के पीने से मन को शांति मिलतीं है।

7 – नारियल का दूध

नारियल और दूध को मिक्सर में पिसकर कर पीने से स्वाद भी बढ़ता है और पोषक तत्व भी प्राप्त होते है।

8 – गुड़ वाला दूध

गुड़ वाला दूध पीने से शरीर में आयरन की कमी दूर होती है व ये दूध शरीर में गर्मी पैदा करता है, व बीमारियों से बचाता है।

9 – खजूर का दूध

ठंड के दिनो में ख़ासतौर पर दूध में खजूर डाल कर उबाला जाता है ये दूध बहुत फ़ायदेमंद होता है।

10 – केसर वाला दूध

दूध में केसर डालकर पीने से शरीर में गर्मी रहती है ,यह रंग के साथ साथ skin problem को भी दूर करता है।

11 –  हल्दी वाला दूध

यह हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है और सर्दी ,खाँसी, ज़ुकाम जैसी समस्या से राहत दिलाता है।

 

गुण (Quality of milk )

दूध हमारे शरीर मे vitamin ‘d’ की कमी को पूरा करता है,तथा दिल के लिये फ़ायदेमंद होता है। दूध हड्डियों को मज़बूत करता है साथ ही यह तनाव को भी दूर करता है। दूध में कई प्रकार के पोषक तत्व होते है जो हमे कई खतरनाक बीमारी से भी बचाता है जैसे कैंसर। यह दाँतो के लिये भी फ़ायदेमंद होता है, तथा यह त्वचा, बाल और BP के मरीजों के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।

कुछचीज़ों के साथ दूध का सेवन ना करें  

  • दूध के साथ मछली का सेवन ना करें
  • दूध के साथ खट्टे फलों का सेवन ना करें
  • दूध के साथ अनाज का सेवन ना करें
  • रात में दूध को पीने से नींद बेहतर आती है क्यूँकि यें नींद वाले हार्मोन पैदा करतीं हैं।

नुक़सान (Loss of milk )

दूध पीने से कभी कभी पेट मे दर्द की शिकायत जी मिचलाना और Gas भी बन सकता है।

 

जानिए मूंगफली खाने के फायदे और नुकसान क्या है

mungfali khane ke fayde

मूँगफली ख़ाने के फ़ायदे (Benefits of eating peanuts)

मूँगफली हमें बहुत आसानी से मिलने वाला पदार्थ है  मूँगफली ज़ामिन के अंदर उगाई जाती है मूँगफली मुख्य रूप से ब्राज़ील या पेरू मे पायी जाती है, जहाँ पर धार्मिक रीति के अंतर्गत सूर्यदेव को अर्पित करने के लिए जंगली मूँगफली का पैदावार की गयी थी। मूँगफली मे प्रोटीन तेल व फ़ाइबर प्रचुरता मे मौजूद होता है ये स्वाद व स्वस्थ शरीर दोनो के लिए लाभदायक है इसके अलावा मूँगफली मे पालिफ़ेनाल , antioxident  vitamin और mineral पायें जातें है  मूँगफली ठंडी का सबसे लोकप्रिय खाने की चीज़ है।

मूंगफली में विटामिन E व विटामिन बी 6 भरपूर मात्रा मे पाया जता है, गर्भवती महिलाओं के लिये मूँगफली खाना फ़ायदेमंद होता है इससे गर्भ मे पल रहे बच्चे का विकास सही तरीक़े से होता है। मूंगफली दिल से जुड़ी बीमारियों को कम करता है व उनसे बचाता भी है इसे नियमित खाने से ख़ून की कमी नही होती है, इससे शरीर को ताक़त मिलती है व पाचन क्रिया भी स्वस्थ रहता है इसमें कैलसियम व विटामिन D भरपूर मात्रा मे पायीं ज़ाती है जिससे हमारी हड्डियाँ मज़बूत रहतीं है।


मूँगफली
अत्यधिक खाने से नुक़सान (Loss of eating peanuts too much)

 

 

Liver की परेशानी को बढ़ाता है

अधिक मात्रा मे मूँगफली का सेवन करने से अफ़्लेटोकिस्सन की मात्रा शरीर मे बढ़ जाती है, ये कर्सिनोजन होता है जो liver से जुड़ी बीमारियों को उत्त्पन्न करता है।

संतृप्त वसा के कारण हों सकता है हानिकारक 

मूँगफली मे संतृप्त वसा रहतीं है इसलिए अत्यधिक मात्रा में मूँगफली के सेवन से हृदय सम्बंधी बीमारियों की सम्भावना बढ़ ज़ाती है, संतृप्त वसा के अन्दर छुपा fat धामिनयो पर जम जाता है जिससे कोलेस्ट्रोल भी बढ़ जाता है व हृदय के लिए हानिकारक हो सकता हैं।

लेक्टिंन को बढ़ाता है

मूँगफली मे लेक्टिन की मात्रा अधिक होती है यें पचाने में आसान नहीं होता है कभी कभी यें शरीर में सूजन को बढ़ाता है।

  • कुछ लोगो को मुगफली से एलर्जि होती है तो इस केस मे आप मूँगफली न खाये। अगर आपको मूंगफली खाने से कोई दिक्कत होती है। और आपको लगता है कि यह एलर्जी रिएक्शन है। तो आप जल्दी से जल्दी डॉक्टर को दिखाइए और मूंगफली का सेवन बंद कर दीजिए।
  • इससे गैस की प्रॉबलम हो सकती है।
  • इसके ज्यादा सेवन से Heartburn की समस्या भी हो सकती है।

NOTE
 इसे ग़रीबों का बादाम कहते है

मूँगफली खाने के महत्वपूर्ण फ़ायदे (Important benefits of eating peanuts)

त्वचा की कोमलता 

ठण्डी में मूँगफली ख़ाने से त्वचा कोमल और नर्म बनी रहती है।

खुसकी सूखापन को दूर करता है

सर्दियों में मूंगफली के तेल से मालिश करने से शरीर का सूखापन दूर हों जाता है।

होंठ (lips )

हल्का सा मूँगफली के तेल को होंठ पे लगाने से होंठ मुलायम रहते है।

मोटापा घटाना

ख़ाने से पहले भूनी हुई मूँगफली खाने से मोटापा कम होता है।

  • यह गर्भवती महिला मे फलोट की मात्रा को ठीक करने मे मदद करता है।
  • इसमे मौजूद विटामिन बी3 होता है जो दिमाग की ताकत बढ़ाता है।

वैज्ञानिक वर्गीकरण 

जगत   –  पादप

विभाग –  मैग्नोलियोफ़ाइटा

वर्ग    –   मैग्नोलियोपसिदाँ

गण:   –   फेबल्स

कुल:   –   फ़ैबेसी

उपकुल: –  फ़ैबोएड़ी

गणजाति: – ऐसकायनोमिनी

वंश:     –   एराकिस

जाति:   –   hypogaea                           द्विपद  नाम     –  एराकिस हायपोज़िया

साधारण तौर पर मूँगफली की बुवाई जूनजुलाई माह में करते है

temperature – 22  to 25 s.g.

वर्षा –  60 to 130 semi.

मिट्टी  –  हल्कीदोमट मिट्टी उपर्युक्त होती है।

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