अब आयशा का हक़ीक़त से सामना हो चुका था सब बदल गया था

haqeeqat se aamna saamna

आयशा का हक़ीक़त से सामना

ये कहानी एक लड़की की है जिसने शादी से पहले एक अलग दुनियाँ देख लिया था आयशा और अभी जो दोनो काफ़ी close relation में थे उन्होंने एक दूसरे से शादी कर ली . 2-4 दिनो बाद वे दोनो honeymoon पे गये दोनो बहुत ख़ुश थे  ख़ूब सारी मस्ती करने के बाद वो वापस अपने घर आए  आयशा को तो पता ही नहि था की इसके बाद कि दुनियाँ उसके पहले कि दुनियाँ से बिलकुल अलग होने वाला है अभी को जाना भी था क्यूँकि  उसका job  आगरा में था but उसकी family allahabad (prayagraj) रहतीं थी तो आयशा को भी wanhi पर रहना था

जब अभी आगरा गया उस दिन बहुत रोयी आयशा उसे लगता कि उसका कोई नहि है उसके पास फिर धीरे धीरे वो अपने ससुराल में wanha के कामों में उलझ गयी अब तो अभी उससे बात भी नहि करता उतना उसे धीरे धीरे अपनी असल की दुनिया समझ आने लगी  फिर  अभी का आना तय हुआ कि वो अगले हफ़्ते आएगा आयशा बहुत ख़ुश थी क्यूँकि वो अभी से मिलने वाली थी जिस दिन अभी आने वाला था उस दिन आयशा ने yellow colour कि saree पहनी थी लाल चूड़ियाँ पहनी थी इतनी सुन्दर लगती जैसे कोई heroin हो  अभी आया उसने उसे खाना खिलाया

फिर अभी ने उससे पूछा की तुम्हारे और माँ के बीच में सब क्या चल रहा है आयशा  को लगा जैसे कि उसे किसी ने बहुत तेज़ से मारा हो क्यूँकि उसने उतना सोचा ही नहि बच्ची थी वो बहुत मासूम घर में जैसे माँ से कभी कभी रूठ जाती शायद सास से भी रूठ गयी उसे ये नहि पता था कि ये उसका वो घर नहि था  जिस घर में उसकी हुकूमत चलती ये तो उसका ससुराल था फिर भी वो हँसके सब ठीक करने में लग गयी वो रो भी नहि सकती क्यूँकि उसके आशु कोई नहि पोंछता बल्कि उसके रोने से फिर कोई topic उठा के तमाशा सब करते . उसे सब समझ आने लगा था

एक दिन अभी पूरे दिन अपने दोस्तों के साथ रहा उसी दिन उसे जाना था रात में आयशा उसका wait करती रही  और फिर सो गयी उठी तो देखा कि अभी बाहर अपने माँ  और बाक़ी family के साथ बैठा है आयशा चुप चाप अंदर आ गयी फिर जब अभी आया तो वो अभी से ग़ुस्सा थी अभी ने हाथ रखा और आयशा ने हाथ हटा दिया फिर अपने कमरे में चली आयी अभी पीछे पीछे आया आयशा मन में ख़ुश हो रही थी कि उसका अभी उसे अब भी बहुत प्यार करता है लेकिन ये कुछ ही देर में तमाशा बन गया

अभी ने गालियाँ देना start कर दिया कहने लगा तू चाहती क्या है मेरे माँ को रुलाती है उसे  ख़ुश नहि रखती और आज मैं जा रहा हू तो मुझे भी रुलाएगी ज़िन्दगी ख़राब कर दी तूने मेरी शोर बहुत तेज़ था बाहर के सब कमरे में गये अभी ने आयशा पे हाथ उठाया तो उसके छोटे भाई ने रोक लिया फिर आयशा के पास कोई चारा ना था सिवाय उनके पैरों में गिरकर माफ़ी माँगने के वो अपने जब अभी ने ये कह दिया इसके

इसके बाप को फ़ोन करो और बोलो की इसे लेके जाए आयशा को अपने उस बाप की याद गयी जिसने बड़े लाड़ प्यार से अपनी आयशा को पाला था और ये सुन कर वो जीते जी मर जाएगा उस बाप का चेहरा याद गया जो अपनी बच्ची के लिए बहुत कुछ किया था अब आयशा की बारी थी अपने पापा के लिए कुछ करने के लिए

आयशा ने अपने सारे emotion का गला दबा दिया पैरों में गिर पड़ी अभी और उसकी माँ की और माफ़ी माँगने लगी उसे उसकी बहुत सारी ग़लतियाँ गिनायी गयी सबने उसके आत्मसम्मान को रौंध दिया

आयशा बदल गयी सब ख़त्म हो गया उसके अंदर से अब वो एक डरी हुई सहमी हुई  बहु और बीवी है जो हर पल सबके चहरे देखती है हाज़िरजवाबी करती है वो अब समझ चुकी थी कि कि सपने कि दुनियाँ थी वो जो उसने शादी से पहले देखा उसका वहम टूट चुका था अब वो एक प्रेमिका नहि थी एक पत्नी बन चुकी थी जिसके सारे अधिकार ख़त्म हो चुके थे

अब उसे ये महसूस करने का भी अधिकार नहि था कि प्यार जैसा कोई  चीज़ भी होती है .

अब आयशा का हक़ीक़त से सामना हो चुका था सब बदल गया था

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सुबह खाली पेट चने खाने के फायदे और नुकसान l

chane ke fayde

आज हम आपको बताने जा रहे है, चने के बारे में जिसे  हमारे यहां के बड़े बुजुर्ग पहले से ही भिगोकर खाते आ रहे हैं इसे लोग सामान्य मात्रा में खाली पेट खाते है। इसे खाने से शरीर स्वस्थ व सुंदर रहता है इसलिए छोटे बच्चों को खाने के लिए प्रेरित किया जाता है कि वह स्वस्थ और सुंदर रहें। इसे  भूनकर, गुड़ के साथ खाने से गले में अटकता नही है और खाने में स्वादिष्टब्जी लगता है। चना हमारे यहां दो क़िस्म की होती  है। एक तो काला चना के नाम से जाना जाता है और एक काबुली चना होता है

जिसका प्रयोग छोले बनाने में किया जाता है। ये काले चने से आकर में बड़ा और सफेद होता है, ये खाने में थोड़े मीठे होते है। लेकिन ये काले चने के अपेक्षा फायदेमंद नही होता। तो आइए जाने इसे खाने से क्या लाभ और क्या हानि होता है और इसे कैसे खाये ऐसे सारि  जानकारी पाने के लिए आगे पढ़ें………

चने की खेती

यह एक दलहनी फसल है इसे हमारे यहा आसानी से पैदा किया जा सकता है। लेकिन इसकी खेती मध्य और दक्षिण भारत मे अधिक की जाती है क्योंकि वहाँ कि जमीन अधिक उपजाऊ होती है इसलिए वहाँ पर इसकी पैदावार अच्छी होती है । इसकी बुआई  1 नवंबर से 30  दिसम्बर तक कि जाति है।

जाने चने खाने के फायदे :- Chane ke fayde 

आइए जाने कि हम इसे कैसे खाएं और इसे खाने से हमें क्या क्या फायदे होते हैं। चना हमारे लिए  बादाम से अधिक पौष्टिक तत्व और फायदेमंद होता है। इसे खाने से हमें प्रोटीन, आयरन , कैल्शियम कार्बोहाइड्रेट, और मिनरल्स प्राप्त होता है। सबसे बड़ी बात ये है कि हमें ये बहुत ही आसानी से उपलब्ध हो जाता है ये हमारे यहां सबके घरों में आसानी से पाया जाता है।

चना खाने से विभिन्न बीमारियों को खत्म करने में और उन सभी बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान होती है।

चने को खाने से पहले उसे साफ पानी से धोकर कम से कम 3-4 घंटे भिगो देना चाहिए उसके बाद खाना चाहिए। चने भीगे हुए पानी को पीने से भी बहुत से लाभ होते है। चने को हम अगर अंकुरित करके खाए तो इससे भी अधिक फायदा होता है चने को अंकुरित करके खाने से हमें हमारे चेहरे पर लाइट और त्वचा मुलायम रहता हैं ,चने को खाने से हमारा भोजन में रूचि भी होता है जिससे हम भोजन दिन में दो से तीन बार खा सकते हैं। इसके साथ ही यदि हम कमजोर हो तो चने शरीर को मोटा व चिकना बनाने में भी मदद करता है।

लोग इसका सेवन रोज करने से स्वस्थ रहते हैं, इसके साथ ही चना वात पित्त कफ  को बराबर रखता है।  जिसे आयुर्वेद में  त्रिदोष के नाम से जाना जाता है, जिससे हमारा स्वास्थ खराब नहीं हो सकता। इसे हम दाल के रूप में भी खा सकते हैं ये अन्य दालों से अधिक फायदेमंद होता है इसको खाने से हमारे शरीर में हराश ,कमजोरी, सुस्ती, मन मिचलाना , इससे सम्बन्धित अन्य परेशानिया दूर रहती है। चना हमारे ब्लड में उपस्थित हीमोग्लोबिन की मात्रा को भी बढ़ता है इसे खाने से हमारे शरीर मे आयरन की मात्रा बनी रहती है और इसे आयुर्वेद में एक दवा के रूप में खाया जाता है।

खाली पेट भीगे हुए चने खाने फायदे :- khali pet chane khane ke fayde 

chane ke fayde

  • खाली पेट भीगे चने खाने से हमारा दिमाग फ्रेश रहता है व चेहरे पर लाइट आती है और बॉडी फिटनेस बना रहता है।
  • भीगे चने में काला नमक मिलाकर खाने से पेट संबंधी सभी बीमारियां ठीक रहती है और हमारा पाचन तंत्र (ecosystem) ठीक रहता है।
  • अगर अधिक कमजोरी हो तो चने के साथ नीबू, अदरक, काली मिर्च और नमक मिलाकर खाने से कमजोरी दूर हो जाती हैं।
  • चना कोलेस्ट्रॉल को भी maintain रखता है। इससे अगर आप अधिक मोटे हो तो आपकी चरबी (fat) भी कम हो जाएगी और आप स्वस्थ रहेंगे।
  • यदि आपको यूरिन संबंधित परेशानिया है, तो इसके साथ थोड़ा सा गुड़ मिलाकर खाने से आप इससे छुटकारा पा सकते है।
  • अगर sperms amount कम है या फिर sperms बनता ही नही है ,तो चने के साथ इसके भीगे हुए पानी मे दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से ये परेशानी खत्म हो सकती है।
  • आप अधिक कमजोर व बहुत पतले है तो चने का सेवन रोज सुबह खाली पेट करने से आपकी सेहत अच्छी व स्वस्थ हो जाएगी। क्योंकि चना मासपेशियों का निर्माण करने में सहायता करती है।

चने का सेवन हर रोज  करने से सर्दी ,जुखाम ,मधुमेह कैंसर, वजन को कम करना आदि सामान्य बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है।

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चने खाने के नुकसान :- Chane khane ke Nuksaan 

अधिक मात्रा में चना खाने से परेशानियां बढ़ सकती है जैसे- पेट दर्द ,दस्त, पेट में ऐठन, पेट मे गैस बनना, आदि ।क्योंकि चने में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है। शरीर मे फाइबर की मात्रा बढ़ने से बहुत सी परेशानिया हो सकती है। इस लिए अधिक मात्रा में चने का सेवन ना करे।

Note :- चने के खाने के बाद कभी भी  करेले और आम का आचार न खाए । इससे  पॉइज़न हो सकता है और आपको बहुत सी बीमारी हो सकता है।

चने का प्रयोग

चने के आटे को बेसन कहा जाता है । इसके पकौड़े बनाये जाते है। इसको लोग दाने के साथ भूनकर भी खाते है। चने की सब्जी भी बनाई जाती है। इसका प्रयोग दाल बनाने में भी करते है।

पूजा में चने का महत्व 

चना हर पूजा में तो नही ,लेकिन कुछ पूजा में चना चढ़ाना जरूरी होता है।

जैसे – विष्णु व्रत, वट सावित्री व्रत , नवरात्र में माता की पूजा में चना चढ़ाना जरूरी होता है।


चने में तत्वों की प्रचुर मात्रा 

संतृप्त  वसा 6g
पोटैशियम  24g
कैल्शियम 5g
कार्बोहाइड्रेट 6g
शर्करा 11g
प्रोटीन 19g
विटामिन ए 67IU
विटामिन सी 4mg
NOTE
इसे गरीबो का बादाम कहा जाता है।

चने का वर्गीकरण (classification)

कुल  (family) Fabaceae
जाति  (phylum) cicer arietinum
वंश (genus)  cicer
वर्ग (class)  Magnoliyoda
Kingdom Plant

 

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जानिये क्या है आर्टिकल 370 और 35A कब और किसने लागू किया था

Article 370 and 35A

क्या है Article 370 35A :- What is Article 370 and 35A Wiki

हैल्लो दोस्तो कैसे है आप सब आज हम बात करेंगे क्या है Article 370 और 35A, कब और किसने लागू किया था इसे, Article 37035A खत्म होने से क्या परिवर्तन हुआ, कब और किससे हटाया article 370 और 35A


कब
और किसने लागू किया था article 370 और 35A

Article 370 and 35A

शेख अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक संबंध और संविधान को लेकर बातचीत की। इस बातचीत के बाद संविधान के अंदर आर्टिकल 370 को जोड़ा गया। शेख अब्दुल्ला इस article 370 को लेकर ये दलील किया कि संविधान में इसका प्रबंध अस्‍थायी रूप में ना किया जाए। जम्मू और कश्मीर के लिए ये प्रबंध शेख अब्दुल्ला ने साल 1947 में किया था। शेख अब्दुल्ला को राज्य का (J&K) प्रधानमंत्री महाराज हरि सिंह और पंडित जवाहर लाल नेहरू ने बनाया था।

35A को 1954 में इसे राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से संविधान में जोड़ा गया था। 35A के अनुसार देश के अन्य राज्यों के लोग जम्मू कश्मीर में जमीन नही खरीद सकते और इसमे स्थायी नागरिकता की परिभाषा भी तय की गई । इस संविधान के मुताबिक, स्थायी नागरिक वही व्यक्ति है जो 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा और कानूनी तरीके से संपत्ति की प्राप्ति किया हो। इसके अलावा कोई व्यक्ति 10 वर्षों से राज्य में रह रहा हो या 1 मार्च 1947 के बाद राज्य से माइग्रेट होकर चले गए हों, लेकिन प्रदेश में वापस रीसेटलमेंट परमिट के साथ आए हों।

क्या है Article 370 ?

संविधान के Article 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से संबंधित कानून को लागू कराने के लिए केंद्र को राज्य सरकार का परमिशन चाहिए। इसके अनुसार जम्मू कश्मीर का अपना ही एक संविधान होगा जैसे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को दोहरी नागरिकता, जम्मू-कश्मीर में अलग झंडा, विधानसभा का कार्यकाल 5 की बजाय 6 साल का, न तो आरक्षण, न ही न्यूनतम वेतन का क़ानून।

क्या है Article 35A..?

इसी आर्टिकल के कारण देश के दूसरे राज्यों के नागरिक इस राज्य में ना स्थायी रूप से बस सकते हैं और न ही किसी भी तरीके की संपत्ति नहीं खरीद सकते हैं, इसके तहत जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को कुछ खास अधिकार दिए गए हैं और अस्थायी निवासी को उन अधिकारों से वंचित किया गया है। अस्थायी नागरिकों को जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी और छात्रवृत्ति भी नहीं मिल सकती है। अस्थायी नागरिक किसी भी तरह की सरकारी मदद के हकदार भी नहीं हो सकते।

कब और किसने हटाया Article 370 और 35A

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद Article 370 और 35A को 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने हटा दिया। अनुच्छेद-370 और 35ए खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर सही मायनों में भारत का अभिन्न अंग हो गया है। देश के राज्यों के लोगों के लिए ये बहुत बड़ी खुशखबरी है, जिसका इंतजार देश को आजादी के बाद से ही था। इन अनुच्छेदो के वजह से जम्मू – कश्मीर भारत का हिस्सा होते हुए भी भारत का नही था। मोदी सरकार का ये सबसे बड़ा एजेंडा था कि कश्मीर को बाकी राज्यो की तरह ही भारत का हिस्सा माना जाए, और अब जाके सही माईने में जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है।

Article 370 और 35A खत्म होने से क्या परिवर्तन हुए

  1. कश्मीर का अब अलग झंडा नहीं होगा। पहले कश्मीर का अलग झंडा होता था। जम्मू-कश्मीर में अब तिरंगे का अपमान या उसे जलाना या नुकसान पहुंचाना संगीन अपराध होगा।
  2. अब जम्मू-कश्मीर में भी देश के अन्य राज्यों के लोग जमीन लेकर बस सकते है।
  3. पहले Article 370 के वजह से जम्मू कश्मीर में भारत का संविधान लागू नही होता था, लेकिन अब वहां भी भारत का संविधान लागू होगा।
  4. जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों की दोहरी नागरिकता यानी (भारतीय और जम्मू- कश्मीरी) समाप्त हो जाएगी।
  5. जम्मू-कश्मीर के दो टुकड़े कर दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश है।
  6. अब article 370 का खंड-1 केवल लागू रहेगा। शेष खंड समाप्त कर दिया गया हैं। खंड-1 भी राष्ट्रपति द्वारा लागू किया गया था और राष्ट्रपति के द्वारा इसे हटाया भी जा सकता है। Article 370 के खंड-1 के मुताबिक जम्मू और कश्मीर की सरकार से सलाह कर राष्ट्रपति, संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों को जम्मू और कश्मीर पर लागू कर सकते हैं।
  7. Article 370 हटाने के बाद सही मायने में जम्मू-कश्मीर भारत का है।
  8. जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, लेकिन लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।
  9. जम्मू-कश्मीर की लड़कियाँ अब दूसरे राज्य के लड़को से भी शादी कर सकती है। दूसरे राज्य के पुरुषों से शादी करने पर उनकी नागरिकता खत्म नहीं होगी।
  10. Article 370 को खत्म करने की मंजूरी राष्ट्रपति ने पहले ही दे दी थी। दरअसल ये आर्टिकल पूर्व राष्ट्रपति द्वारा ही लागू किया गया था। इसलिए इसे राष्ट्रपति द्वारा खत्म भी किया जा सकता था। संसद में केवल दोनों राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव पेश किया गया है।
  11. जम्मू-कश्मीर सरकार का कार्यकाल अब छह साल का नहीं, बल्कि पांच साल का ही होगा।
  12. भारत का कोई भी नागरिक अब जम्मू-कश्मीर में भी नौकरी कर सकता है। अब तक जम्मू-कश्मीर में केवल स्थानीय लोगों को ही नौकरी का अधिकार था।
  13. अन्य राज्यों से जम्मू-कश्मीर जाकर रहने वाले लोगों को भी वहां वोट करने का अधिकार मिल सकेगा। साथ ही अन्य राज्यों के लोग भी वंहा से चुनाव लड़ सकते है।
  14. जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के लोग भी अब भारत के हर कानून का लाभ उठा सकते है जैसे शिक्षा के अधिकार, सूचना के अधिकार आदि।
  15. केंद्र सरकार की कैग जैसी संस्था अब जम्मू-कश्मीर में भी भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए ऑडिट कर सकती है, इससे वहां भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा।
  16. अब जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में भी सुप्रीम कोर्ट का हर फैसला लागू होगा। पहले जनहित में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले वहां लागू नहीं होते थे।
  17. वहाँ की महिलाओं पर पर्सनल कानून बेअसर हो जाएगा। इस संशोधन से सबसे बड़ी राहत जम्मू-कश्मीर की महिलाओं को ही मिली है।
  18. अब तक वहाँ की कानून व्यवस्था मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी थी। अब दिल्ली की तरह जम्मू-कश्मीर व लद्दाख की कानून-व्यवस्था भी सीधे केंद्र के हाथ में होगी।
  19. Article 370 और 35A के हटने के बाद वहाँ के अस्थायी छात्रों को छात्रवृत्ति मिल सकती है।

 

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हमारा देश कब आज़ाद हुआ था इसके पीछे की पूरी कहानी

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आइए दोस्तों आज हम बात करेंगे 15 अगस्त के बारे में जिसे हम हर वर्ष मनाते है। इसकी पूरी जानकारी आपको हम बताने जा रहे है, की 15 अगस्त को हम हर वर्ष क्यों मनाते है। और मनाते हैं तो इसका कारण क्या है, किस लिए मनाया जाता है ,और हमारा भारत ब्रिटिश शासन से कब आजाद हुआ था। इन सभी जानकारियों को पाने के लिए आगे पढ़ें!

भारत देश ब्रिटिश शासन से कब आजाद हुआ था 

 

हमारे भारत में 15 अगस्त का दिन वह दिन है जिस दिन हमारा भारत ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ था। उसी दिन से यह स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है पहली बार स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 1947 ईं. में मनाया गया था। और तभी से आजादी का उत्सव हर वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है।

आइए जाने  इसका कारण की हर वर्ष 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है 

हमारे यहां 15 अगस्त इसलिए बनाया जाता है, कि जब हमारा भारत ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था। तो उस दिन हमारे भारत के लोग बहुत ही स्वतंत्र महसूस कर रहे थे।  इस दिन हमारा भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बना था ।और इस दिन को याद रखने के लिए उस दिन हमारे भारत में 15 अगस्त मनाया गया था । और  तभी से  हर वर्ष हमारे यहां 15 अगस्त मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि  इस डॉन लोग स्वतंत्रता पूर्वक खुशियां मनाते हैं और उस दिन किसी को किसी भी प्रकार का रोक – टोक या बंधन नही होता है वो अपने मन से स्वतंत्रता की खुशियां मनाते है। हमारे यहां इस दिल को राष्ट्रीय और राजपत्रित अवकाश के रूप में घोषित किए हुए हैं।

 

भारत के साथ और कौन-कौन से देशों में 15 अगस्त मनाया जाता है 

1.कॉन्गो (Congo)

कांगो 15 अगस्त 1960 को फ्रांस से आजाद हुआ था।

2. बहरीन (Bahrain)

बहरीन 15 अगस्त 1971 को यूनाइटेड किंगडम से आजाद हुआ था।

3.साउथ कोरिया (South Korea)

साउथ कोरिया 15 अगस्त 1945 को जापान से सुबह के समय आजाद हुआ था।

4.नार्थ कोरिया (North Korea)

नार्थ कोरिया 15 अगस्त 1945 को जापान से शाम के समय आजाद हुआ था।

 

स्वतंत्रता के दिन शहीद सेनानियों की यादें 

 

हमारे भारत को आजाद कराना आसान नहीं बल्कि नामुमकिन था लेकिन हमारे देश भक्तों ने हार नहीं माने उन्होंने बहुत ही कठिनाइयों का सामना किया और वे भारत को ब्रिटिश शासकों से  आजादी दिलाने के लिए हमारे यहां के सैनिकों ने अपनी जान की कुर्बानी दे दी उन्होंने अपने घर परिवार किसी के बारे में नहीं सोचा इसलिए हम वह हर वर्ष उन्हें 15 अगस्त के दिन जरूर याद करते हैं और उन्हें हर वर्ष इस दिन  श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

15 अगस्त कैसे मनाते हैं :- How to celebrate independence day

15 अगस्त की तैयारी हम लोग दो-तीन दिन पहले से ही करते हैं, क्योंकि इस दिन हमारे यहां रंगारंग कार्यक्रम गीत ,भाषण , नाटक,इत्यादि प्रोग्राम किए जाते हैं और हमारे स्कूलों व  कालेजों  की सफाई की जाती है और उसे सजाया भी जाता है। उस दिन हमारे स्कूलों एवं कॉलेजों में बड़े- बड़े नेता और बड़े-बड़े लोग आते हैं, उनके आने के बाद हमारे यहां झंडा फहराया जाता है उसके बाद उनका स्वागत हुम् स्वागत गीतों से करते है।उसके बाद कार्यक्रम गीत व नाटक भाषण आदि प्रोग्राम किये जाते हैं।जिससे लोग बहुत प्रसन्न और खुश होते है । इसके बाद कार्यक्रम करने वाले बच्चो को इनाम के रूम में पेन, कॉपी व पैसे दिए जाते है।

हमारे यहां का राष्ट्रगीत:- Our National Song

 

“वन्देमातरम”

वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलाम्
मलयजशीतलाम्
शस्यश्यामलाम्
मातरम्।

शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्
सुखदां वरदां मातरम्॥ १॥ 

कोटि कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले
कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,
अबला केन मा एत बले।
बहुबलधारिणीं 
नमामि तारिणीं
रिपुदलवारिणीं 
मातरम्॥ २॥

तुमि विद्या, तुमि धर्म
तुमि हृदि, तुमि मर्म
त्वम् हि प्राणा: शरीरे
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारई प्रतिमा गडी मन्दिरे-मन्दिरे॥ ३॥

त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
कमला कमलदलविहारिणी
वाणी विद्यादायिनी,
नमामि त्वाम्
नमामि कमलाम्
अमलां अतुलाम्
सुजलां सुफलाम् 
मातरम्॥४॥

वन्दे मातरम्
श्यामलाम् सरलाम्
सुस्मिताम् भूषिताम्
धरणीं भरणीं 
मातरम्॥ ५॥

                   (बंकिम चंद्र चटर्जी)

इस गीत को हमारे यहाँ 15 अगस्त को हमारे स्कूलों व कॉलेजो में गया जाता है ।

हमारे यहां का राष्ट्रगान:- Our national anthem

 

जन-गण-मन अधिनायक जय हे,
भारत-भाग्य-विधाता ।

पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा,
द्रावि़ड़ उत्कल बंग ।

विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा,
उच्छल जलधि तरंग ।

तव शुभ नामे जागे,
तव शुभ आशिष मांगे,
गाहे तव जय गाथा ।

जन-गण मंगलदायक जय हे,
भारत-भाग्य-विधाता ।

जय हे ! जय हे !! जय हे !!!
जय ! जय ! जय ! जय हे !!

                                     (रवींद्रनाथ टैगोर)

 

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर भाषण :- independence day speech in Hindi

आदरणीय महोदय, मुख्य अतिथि ,शिक्षकों, भाइयों एवं बहनों स्वतंत्रता दिवस की इस पावन अवसर पर मुझे अपनी सुविचारो को बोलने का अवसर दिया गया है । जिसका धन्यवाद हम आप सबको देना चाहते है ,मुझे अपने देश के प्रति कुछ बोलने का अवसर प्राप्त हुआ है। जिससे मुझे बहुत हर्ष की अनुभूति हो रही है ,आज यह हमारा 73 वां स्वतंत्रता दिवस है हमारे देश को आजाद कराने में बहुत ही देश भक्तों की जाने जा चुकी है इसलिए हम उनके कुर्बानी को कभी भूल नहीं सकते और वह जो चाहते थे, और हमें कह कर गए हैं कि हमें अपने देश के प्रति कभी किसी भी प्रकार का धोखा या अपने भारत माता को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए । हमारे देश की स्वतंत्रता की कहानी इतना बड़ा है कि हम अपने इस छोटे शब्दो में तो उसे कह नहीं सकते लेकिन, इतना जरूर कहेंगे कि जो लोग हमारे देश के प्रति प्रेम करते थे उन्हीं देश भक्तो की वजह से आज हम लोग स्वतंत्र हैं।

स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय पर्वों में से एक है

जय हिंद जय भारत!

स्वतंत्रता दिवस के कुछ नारे:- Independence day slogan in hindi

 

“करो या मरो ” – महात्मा गांधी जी

“जय जवान जय किसान ”  .- लाल बहादुर शास्त्री जी

“तुम मुझे खून दो मैं तुझे आजादी दूंगा ” – सुभाष चंद्र बोस जी

“आराम हराम है” – जवाहरलाल नेहरू जी

“इंकलाब जिंदाबाद” – भगत सिंह जी

“सत्यमेव जयते “-पंडित मदन मोहन मालवीय जी

“साइमन कमीशन वापस जाओ”- लाला लाजपत राय जी

“अंग्रेजों भारत छोड़ो” – महात्मा गांधी जी

“जय हिंद”- सुभाष चंद्र बोस जी

“सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा हमारा”- अल्लामा इकबाल जी

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