जानिये क्या है आर्टिकल 370 और 35A कब और किसने लागू किया था

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Article 370 and 35A

क्या है Article 370 35A :- What is Article 370 and 35A Wiki

हैल्लो दोस्तो कैसे है आप सब आज हम बात करेंगे क्या है Article 370 और 35A, कब और किसने लागू किया था इसे, Article 37035A खत्म होने से क्या परिवर्तन हुआ, कब और किससे हटाया article 370 और 35A


कब
और किसने लागू किया था article 370 और 35A

Article 370 and 35A

शेख अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक संबंध और संविधान को लेकर बातचीत की। इस बातचीत के बाद संविधान के अंदर आर्टिकल 370 को जोड़ा गया। शेख अब्दुल्ला इस article 370 को लेकर ये दलील किया कि संविधान में इसका प्रबंध अस्‍थायी रूप में ना किया जाए। जम्मू और कश्मीर के लिए ये प्रबंध शेख अब्दुल्ला ने साल 1947 में किया था। शेख अब्दुल्ला को राज्य का (J&K) प्रधानमंत्री महाराज हरि सिंह और पंडित जवाहर लाल नेहरू ने बनाया था।

35A को 1954 में इसे राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से संविधान में जोड़ा गया था। 35A के अनुसार देश के अन्य राज्यों के लोग जम्मू कश्मीर में जमीन नही खरीद सकते और इसमे स्थायी नागरिकता की परिभाषा भी तय की गई । इस संविधान के मुताबिक, स्थायी नागरिक वही व्यक्ति है जो 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा और कानूनी तरीके से संपत्ति की प्राप्ति किया हो। इसके अलावा कोई व्यक्ति 10 वर्षों से राज्य में रह रहा हो या 1 मार्च 1947 के बाद राज्य से माइग्रेट होकर चले गए हों, लेकिन प्रदेश में वापस रीसेटलमेंट परमिट के साथ आए हों।

क्या है Article 370 ?

संविधान के Article 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से संबंधित कानून को लागू कराने के लिए केंद्र को राज्य सरकार का परमिशन चाहिए। इसके अनुसार जम्मू कश्मीर का अपना ही एक संविधान होगा जैसे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को दोहरी नागरिकता, जम्मू-कश्मीर में अलग झंडा, विधानसभा का कार्यकाल 5 की बजाय 6 साल का, न तो आरक्षण, न ही न्यूनतम वेतन का क़ानून।

क्या है Article 35A..?

इसी आर्टिकल के कारण देश के दूसरे राज्यों के नागरिक इस राज्य में ना स्थायी रूप से बस सकते हैं और न ही किसी भी तरीके की संपत्ति नहीं खरीद सकते हैं, इसके तहत जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को कुछ खास अधिकार दिए गए हैं और अस्थायी निवासी को उन अधिकारों से वंचित किया गया है। अस्थायी नागरिकों को जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी और छात्रवृत्ति भी नहीं मिल सकती है। अस्थायी नागरिक किसी भी तरह की सरकारी मदद के हकदार भी नहीं हो सकते।

कब और किसने हटाया Article 370 और 35A

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद Article 370 और 35A को 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने हटा दिया। अनुच्छेद-370 और 35ए खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर सही मायनों में भारत का अभिन्न अंग हो गया है। देश के राज्यों के लोगों के लिए ये बहुत बड़ी खुशखबरी है, जिसका इंतजार देश को आजादी के बाद से ही था। इन अनुच्छेदो के वजह से जम्मू – कश्मीर भारत का हिस्सा होते हुए भी भारत का नही था। मोदी सरकार का ये सबसे बड़ा एजेंडा था कि कश्मीर को बाकी राज्यो की तरह ही भारत का हिस्सा माना जाए, और अब जाके सही माईने में जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है।

Article 370 और 35A खत्म होने से क्या परिवर्तन हुए

  1. कश्मीर का अब अलग झंडा नहीं होगा। पहले कश्मीर का अलग झंडा होता था। जम्मू-कश्मीर में अब तिरंगे का अपमान या उसे जलाना या नुकसान पहुंचाना संगीन अपराध होगा।
  2. अब जम्मू-कश्मीर में भी देश के अन्य राज्यों के लोग जमीन लेकर बस सकते है।
  3. पहले Article 370 के वजह से जम्मू कश्मीर में भारत का संविधान लागू नही होता था, लेकिन अब वहां भी भारत का संविधान लागू होगा।
  4. जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों की दोहरी नागरिकता यानी (भारतीय और जम्मू- कश्मीरी) समाप्त हो जाएगी।
  5. जम्मू-कश्मीर के दो टुकड़े कर दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश है।
  6. अब article 370 का खंड-1 केवल लागू रहेगा। शेष खंड समाप्त कर दिया गया हैं। खंड-1 भी राष्ट्रपति द्वारा लागू किया गया था और राष्ट्रपति के द्वारा इसे हटाया भी जा सकता है। Article 370 के खंड-1 के मुताबिक जम्मू और कश्मीर की सरकार से सलाह कर राष्ट्रपति, संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों को जम्मू और कश्मीर पर लागू कर सकते हैं।
  7. Article 370 हटाने के बाद सही मायने में जम्मू-कश्मीर भारत का है।
  8. जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, लेकिन लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी।
  9. जम्मू-कश्मीर की लड़कियाँ अब दूसरे राज्य के लड़को से भी शादी कर सकती है। दूसरे राज्य के पुरुषों से शादी करने पर उनकी नागरिकता खत्म नहीं होगी।
  10. Article 370 को खत्म करने की मंजूरी राष्ट्रपति ने पहले ही दे दी थी। दरअसल ये आर्टिकल पूर्व राष्ट्रपति द्वारा ही लागू किया गया था। इसलिए इसे राष्ट्रपति द्वारा खत्म भी किया जा सकता था। संसद में केवल दोनों राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव पेश किया गया है।
  11. जम्मू-कश्मीर सरकार का कार्यकाल अब छह साल का नहीं, बल्कि पांच साल का ही होगा।
  12. भारत का कोई भी नागरिक अब जम्मू-कश्मीर में भी नौकरी कर सकता है। अब तक जम्मू-कश्मीर में केवल स्थानीय लोगों को ही नौकरी का अधिकार था।
  13. अन्य राज्यों से जम्मू-कश्मीर जाकर रहने वाले लोगों को भी वहां वोट करने का अधिकार मिल सकेगा। साथ ही अन्य राज्यों के लोग भी वंहा से चुनाव लड़ सकते है।
  14. जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के लोग भी अब भारत के हर कानून का लाभ उठा सकते है जैसे शिक्षा के अधिकार, सूचना के अधिकार आदि।
  15. केंद्र सरकार की कैग जैसी संस्था अब जम्मू-कश्मीर में भी भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए ऑडिट कर सकती है, इससे वहां भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा।
  16. अब जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में भी सुप्रीम कोर्ट का हर फैसला लागू होगा। पहले जनहित में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले वहां लागू नहीं होते थे।
  17. वहाँ की महिलाओं पर पर्सनल कानून बेअसर हो जाएगा। इस संशोधन से सबसे बड़ी राहत जम्मू-कश्मीर की महिलाओं को ही मिली है।
  18. अब तक वहाँ की कानून व्यवस्था मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी थी। अब दिल्ली की तरह जम्मू-कश्मीर व लद्दाख की कानून-व्यवस्था भी सीधे केंद्र के हाथ में होगी।
  19. Article 370 और 35A के हटने के बाद वहाँ के अस्थायी छात्रों को छात्रवृत्ति मिल सकती है।

 

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